सीबीएसई ने 12वीं के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिए। दिल्ली की एम. गायत्री टॉपर बनीं। साकेत स्थित न्यू ग्रीन फील्ड की गायत्री ने 500 में से 496 अंक हासिल किए और उसका प्रतिशत 99.2 रहा।
2013 और 2014 में ऑल इंडिया टॉप लड़कों ने किया था। गायत्री ने न केवल इस परंपरा को तोड़ा बल्कि कॉमर्स स्ट्रीम में टॉप कर अलग मुकाम हासिल किया।
आइए जानते हैं क्या कहना है टॉप-3 स्टूडेंट्स का
एम गायत्री
एम गायत्री कहती हैं कि ऑल इंडिया टॉपर बनने की खुशी है। दोस्तों के साथ एंजॉय भी कर रही हूं। लेकिन समय गंवाना नहीं चाहती। अब आज से ही सीए की तैयारियों में लग जाना चाहती हूं। गायत्री ने All Breaking news (AB NEWS)से बातचीत में अपनी तैयारियों से लेकर अपने भविष्य पर खुलकर बातचीत की:
=> क्या आपने सोचा था कि आप ऑल इंडिया टॉप करेंगी?
मैंने 90 फीसदी अंकों से अधिक के बारे में तो सोचा था, लेकिन यह नहीं पता था कि मैं भारत में सबसे अधिक 99.2 फीसदी अंक हासिल करूंगी। इतना अच्छा स्कोर करने में मेरी, अभिभावकों व शिक्षकों की मेहनत काम आई।
=> ऑल इंडिया टॉप करने का कैसे पता चला?
मैंने सिर्फ अपने अंक देखे और खुश हुई स्कूल की शिक्षिका ने मुझे टॉपर बनने के विषय में जानकारी दी।
=> तैयारी कैसे की, किस विषय पर कितना फोकस किया?
मेरी कॉमर्स स्ट्रीम थी लिहाजा शुरू से ही इस बात पर फोकस रखा कि सब विषयों में अच्छा करना है। लिहाजा शुरू से ही पढ़ाई को चार से पांच घंटे दिए। खासकर सुबह पढ़ने को महत्व दिया। उसकेबाद ही स्कूल जाती थी।
सीबीएसई 12वीं में नोएडा की बेटी मैथिली ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान पाया है। उन्हें ह्यूमैनिटीज में 99 फीसदी अंक मिले हैं। मैथिली को इतिहास और अर्थशास्त्र में शत प्रतिशत नंबर मिले हैं। सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर चल रही मैथिली दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएसआर कॉलेज से पढ़ना चाहती हैं।
सेक्टर-44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा की छात्रा मैथिली मिश्रा ने पांच सौ में से 495 नंबर हासिल किए। उन्होंने इतिहास व अर्थशास्त्र में सौ, जबकि समाजशास्त्र में 99 अंक हासिल किए। राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी में उनके 98-98 नंबर आए हैं। दसवीं में भी उनकी 10 सीजीपीए थी।
सुप्रीम कोर्ट में वकील माता-पिता अपर्णा झा और बृजकिशोर मिश्रा की बेटी मैथिली का लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है। वह राजनीति विज्ञान से स्नातक करेंगी। उसका छोटा भाई सिद्धि पांचवीं में पढ़ता है। सेक्टर-53 स्थित कंचनजंघा अपार्टमेंट निवासी मैथिली मूलरूप से भागलपुर (बिहार) की रहने वाली हैं।
नर्सरी से वह एमिटी में ही पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो राष्ट्रीय स्तर पर सेकंड टॉपर रहेंगी। हालांकि, परिणाम अच्छा रहने की उम्मीद थी।
देशभर में दूसरे नंबर के टॉपर सौरभ भांबरी ने कहा कि उन्होंने लक्ष्य बनाकर पूरे साल पढ़ाई की। इस बात को ध्यान रखा कि ह्यूमैनिटीज में भी अच्छा स्कोर लाकर दिखाना है।
सौरभ भांबरी ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में सर्वाधिक 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। हालांकि उनके साथ संयुक्त रूप से नोएडा के एमिटी स्कूल की मैथिली मिश्रा व त्रिवेंद्रम के बी अर्जुन ने भी इतने ही अंक हासिल किए हैं।
ग्रेटर कैलाश स्थित के.आरएम स्कूल के सौरभ भांबरी ने इतिहास व साइकोलॉजी में सौ फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि ह्यूमैनिटीज के लिए भी लक्ष्य बनाकर रखा। जिसके लिए पूरे साल पढ़ाई की हालांकि अपनी हॉबी को भी नहीं छोड़ा।
पढ़ाई के साथ-साथ ताइक्वांडो, स्केटिंग, संगीत में भी रुचि बनाए रखी। इतिहास कभी बोरिंग नहीं लगा इसीलिए शायद सौ फीसदी अंक आ गए। इतिहास में सौ फीसदी अंक आने पर मुझे भी थोड़ी हैरानी है अब इतने अंक पाकर डीयू में कौन से विषय में दाखिला लेना है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे पॉलिटिक्स व इंटरनेशनल रिलेशन की पढ़ाई यूके से करनी है।
यह कोर्स यहां उपलब्ध नहीं है। इसी में आगे स्नातकोत्तर करने की तमन्ना है। बाकी आगे देखेंगे कि क्या करना है। ऑल इंडिया टॉपर बनने के विषय में शिक्षकों ने ही फोन करके बताया। सौरभ की मां उन्हीं के स्कूल में एकेडमिक कोआर्डिनेटर हैं जबकि पिता व्यवसायी हैं। बड़ी बहन ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई कर रही हैं।
2013 और 2014 में ऑल इंडिया टॉप लड़कों ने किया था। गायत्री ने न केवल इस परंपरा को तोड़ा बल्कि कॉमर्स स्ट्रीम में टॉप कर अलग मुकाम हासिल किया।
आइए जानते हैं क्या कहना है टॉप-3 स्टूडेंट्स का
एम गायत्री
एम गायत्री कहती हैं कि ऑल इंडिया टॉपर बनने की खुशी है। दोस्तों के साथ एंजॉय भी कर रही हूं। लेकिन समय गंवाना नहीं चाहती। अब आज से ही सीए की तैयारियों में लग जाना चाहती हूं। गायत्री ने All Breaking news (AB NEWS)से बातचीत में अपनी तैयारियों से लेकर अपने भविष्य पर खुलकर बातचीत की:
=> क्या आपने सोचा था कि आप ऑल इंडिया टॉप करेंगी?
मैंने 90 फीसदी अंकों से अधिक के बारे में तो सोचा था, लेकिन यह नहीं पता था कि मैं भारत में सबसे अधिक 99.2 फीसदी अंक हासिल करूंगी। इतना अच्छा स्कोर करने में मेरी, अभिभावकों व शिक्षकों की मेहनत काम आई।
=> ऑल इंडिया टॉप करने का कैसे पता चला?
मैंने सिर्फ अपने अंक देखे और खुश हुई स्कूल की शिक्षिका ने मुझे टॉपर बनने के विषय में जानकारी दी।
=> तैयारी कैसे की, किस विषय पर कितना फोकस किया?
मेरी कॉमर्स स्ट्रीम थी लिहाजा शुरू से ही इस बात पर फोकस रखा कि सब विषयों में अच्छा करना है। लिहाजा शुरू से ही पढ़ाई को चार से पांच घंटे दिए। खासकर सुबह पढ़ने को महत्व दिया। उसकेबाद ही स्कूल जाती थी।
सीबीएसई 12वीं में नोएडा की बेटी मैथिली ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान पाया है। उन्हें ह्यूमैनिटीज में 99 फीसदी अंक मिले हैं। मैथिली को इतिहास और अर्थशास्त्र में शत प्रतिशत नंबर मिले हैं। सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर चल रही मैथिली दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएसआर कॉलेज से पढ़ना चाहती हैं।
सेक्टर-44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल नोएडा की छात्रा मैथिली मिश्रा ने पांच सौ में से 495 नंबर हासिल किए। उन्होंने इतिहास व अर्थशास्त्र में सौ, जबकि समाजशास्त्र में 99 अंक हासिल किए। राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी में उनके 98-98 नंबर आए हैं। दसवीं में भी उनकी 10 सीजीपीए थी।
सुप्रीम कोर्ट में वकील माता-पिता अपर्णा झा और बृजकिशोर मिश्रा की बेटी मैथिली का लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है। वह राजनीति विज्ञान से स्नातक करेंगी। उसका छोटा भाई सिद्धि पांचवीं में पढ़ता है। सेक्टर-53 स्थित कंचनजंघा अपार्टमेंट निवासी मैथिली मूलरूप से भागलपुर (बिहार) की रहने वाली हैं।
नर्सरी से वह एमिटी में ही पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो राष्ट्रीय स्तर पर सेकंड टॉपर रहेंगी। हालांकि, परिणाम अच्छा रहने की उम्मीद थी।
देशभर में दूसरे नंबर के टॉपर सौरभ भांबरी ने कहा कि उन्होंने लक्ष्य बनाकर पूरे साल पढ़ाई की। इस बात को ध्यान रखा कि ह्यूमैनिटीज में भी अच्छा स्कोर लाकर दिखाना है।
सौरभ भांबरी ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में सर्वाधिक 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। हालांकि उनके साथ संयुक्त रूप से नोएडा के एमिटी स्कूल की मैथिली मिश्रा व त्रिवेंद्रम के बी अर्जुन ने भी इतने ही अंक हासिल किए हैं।
ग्रेटर कैलाश स्थित के.आरएम स्कूल के सौरभ भांबरी ने इतिहास व साइकोलॉजी में सौ फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि ह्यूमैनिटीज के लिए भी लक्ष्य बनाकर रखा। जिसके लिए पूरे साल पढ़ाई की हालांकि अपनी हॉबी को भी नहीं छोड़ा।
पढ़ाई के साथ-साथ ताइक्वांडो, स्केटिंग, संगीत में भी रुचि बनाए रखी। इतिहास कभी बोरिंग नहीं लगा इसीलिए शायद सौ फीसदी अंक आ गए। इतिहास में सौ फीसदी अंक आने पर मुझे भी थोड़ी हैरानी है अब इतने अंक पाकर डीयू में कौन से विषय में दाखिला लेना है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे पॉलिटिक्स व इंटरनेशनल रिलेशन की पढ़ाई यूके से करनी है।
यह कोर्स यहां उपलब्ध नहीं है। इसी में आगे स्नातकोत्तर करने की तमन्ना है। बाकी आगे देखेंगे कि क्या करना है। ऑल इंडिया टॉपर बनने के विषय में शिक्षकों ने ही फोन करके बताया। सौरभ की मां उन्हीं के स्कूल में एकेडमिक कोआर्डिनेटर हैं जबकि पिता व्यवसायी हैं। बड़ी बहन ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई कर रही हैं।



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